साहित्य
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दो राहें
वो लोग कौन होते हैं ?जो आपको अचानक दो राहें छोड़ जाएँ और कभी पलट कर न देखें ,जो हाथों…
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नमन मंच को
रोया नहीं था मैं, मुझे रुलाया गया, न ही था पागल मैं, मुझे पागल बनाया गया, सोची समझी चाल थी,…
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डॉ मंजु गुप्ता
मंगल को जन्मे कपिश , धार रूप कपि सार।। पाप मुक्त करने धरा , लिये रुद्र अवतार।। लिये रुद्र अवतार,…
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रूप घनाक्षरी
शीर्षक- मेघ राजा आओ दिन भर तपकर, हर घड़ी जलकर, सूरज भी थक गया, चला के अलात तीर। सूख…
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रूप घनाक्षरी
शीर्षक- मेघ राजा आओ दिन भर तपकर, हर घड़ी जलकर, सूरज भी थक गया, चला के अलात तीर।…
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अतीत से अब तक… फीफा विश्वकप
राजनीति की बिसात पर कब कौनसा मोहरा कैसी चाल चल दे , कहा नहीं जा सकता । दिग्गज खेल देशों…
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इस मासूम का क्या पता था जिंदगी दर्दों का सैलाब भी है
यह है मध्यप्रदेश के आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ में जन्म हुआ डॉ रामशंकर चंचल जो आज सारे देश और विश्व…
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अपनी दोनों पत्नीयों को समर्पित
देश के मध्य प्रदेश आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ में रहकर सालों से आदिवासी जन जीवन और प्रेम, रूह प्रेम सृजन…
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मित्र सम्मान 2026 से सम्मानित किया
नकुड़ सहारनपुर. 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर तहसील नकुड़ सहारनपुर के शिक्षक,साहित्यकार सुनील कुमार खुराना को एम…
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जब धरती पुकारती है
वसुधैव कुटुम्बकम्’ कहने वाला देश आज अपनी ही धरती को बीमार देख रहा है। नदियाँ काली हो रही हैं, हवा…
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