साहित्य साधक साहित्यिक संस्थान द्वारा कवि रमेश पाण्डेय ” शिखर शलभ ” सम्मानित

साहित्य साधक सामाजिक ,साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थान की दिसंबर माह की मासिक काव्य गोष्ठी व सम्मान समारोह का आयोजन जिलाअध्यक्षा #डा स्वाति पाण्डेय प्रीत के निवास ७२, काशी नगर लखीमपुर खीरी में सम्पन्न हुआ । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार कमलेन्द्र शुक्ला ‘दुर्वासा ‘ जी ने की ।
संस्था द्वारा दिया जाने वाला मासिक साहित्य साधक अर्श सारस्वत सम्मान गोला से पधारे अखिल भारतीय साहित्य परिषद , गोला के वरिष्ठ साहित्यकार रमेश पाण्डेय ” शिखर शलभ ” को प्रदान किया गया । समारोह का कुशल संचालन अनुज अभिषेक शाश्वत ने किया। सभी मंचस्थ मनीषियों सहित डाॅ० स्वाति पाण्डेय, “”प्रीत” , शिखर शलभ राजेंद्र प्रसाद तिवारी कंटक व गौरव शुक्ला जी ने दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती पूजन किया। डॉ मृदुला द्वारा वाणी वंदना के सुमधुर वाचन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
कार्यक्रम में कवि मनीषियों ने अपनी शानदार काव्य प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रोताओं का दिल जीत लिया। गोष्ठी में सम्मानित कवि शलभ जी ने ‘शब्द लिखना था एक मैने माँ लिख दिया ,खुद को ज़र्रा इसे आस्मां लिख दिया। कंटक जी ने जब जब देखा हमने आँखों मे आंसू भर आये पढा कम्लेश धुरंधर ने ” तुम जब भी मिलो मुस्कुरा कर मिलो’रचना सुना कर सबको आनंदित कर दिया । गीतकार गौरव शुक्ला ने ‘ कवि का धर्म छद्म छल वाली राजनीति का तहस नहस है ” पढा़ । डॉ स्वाति पांडेय “प्रीत” ने — ‘ श्याम के दुआरे चले , संग सारे सारे चले ” घनाक्षरी पढी व ” प्रीत की रीत को अब निभाने तो आ , सूने आँगन में फिर मुस्कुराने तो आ ” गीत पढ़ कर सबकी तालियां बटोरी । शायर जनार्दन पाण्डेय नाचीज़ ने अपने कलाम ‘ मेरे किरदार से वो जलता है, सच कहूं ये मेरी सफलता है से’ खूब वाह वाही लूटी । बेचैन जी ने हर एक जख़्म को हर कोई सिल नही सकता पढ़ा। डॉ मृदुला शुक्ला ने श्याम की दीवानी मृदु श्याममयी भये आजु,तन-मन श्याम मृदु अंग-अंग श्याम है ‘ सुनाया । विशेष शर्मा ने ‘ खुद को कपास मखमल जैसी लगती है’ सुनाया । अभिषेक शाश्वत ने “हमारी राह खुद ही बिछाए शूल थे जिसने ” पढा । लघुकथाकार सुरेश सौरभ ने अपनी पुस्तक बेरंग से लघुकथा पहचान और दावत का मजा का वाचन किया । मुख्य अतिथि ने ” मैया मोरी वीणा धारी हुई के सहाय आजु ” पढ़ा | स्वतंत्र जी ने कभी पतझड़ सी बिखरी जिन्दगी से कभी कोई प्यार करता है पढा़ । इसके अतिरिक्त गोष्ठी मे आए अनंय कवियों ने गीत गजल छंद एवं मुक्तकों से सबको भाव विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में वेद प्रकाश वर्मा , अक्षरा पांडेय ,नरेश वर्मा , डॉ रघुनन्दन झा , अमित पाण्डेय , मधु गुप्ता ,कुशाग्र गुप्ता ,आयुष पाण्डेय , दिव्या गुप्ता आदि उपस्थित रहे । मुख्य अतिथि जी ने काव्य गोष्ठी की समीक्षा की । संस्था की ओर से अध्यक्षा महोदया ने धन्यवाद ज्ञापन किया व सभी की भूरि भूरि प्रशंसा की ।


