
1
तुलसी बस एक पौधा ही नहीं
औषध भंडार है।
प्रत्येक पूजन प्रसाद में महिमा
इसकी अपार है।।
आंगन में तुलसी के वास से दूर
होती है हर बाधा।
तुलसी के जप तप से मिलता
सुखी संसार है।।
2
तुलसी पर नियमित दीप व जल
देना तपस्या समान है।
तुसली सामीप्य सेवन से जीवन
में दूर रहता व्यवधान है।।
भूत,प्रेत,पिशाच आदि निकट
आते नहीं मनुष्य के।
गृह शान्ति के लिए तुलसी रोपण
मानो कि राम वाण है।।
रचयिता।।एस के कपूर “श्री हंस”
बरेली।।
©. @. skkapoor
सर्वाधिकार सुरक्षित




