बसंत पंचमी पर डॉ रामशंकर चंचल ने, अपनी कृतियों,को भेंट किया

झाबुआ नि प्र ख्यात साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल ने आज बसंत पंचमी पर शहर के चर्चित अग्रेंजी माध्यम के हायर सेकेंडरी स्कूल मिशन स्कूल में प्राचार्य सोनू वसुनिया जी को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुएं, अपनी ताज़ा कृतियों को भेंट किया।

अपनी ताज़ा कृतियों में विश्व पटल पर दस्तक देती अमेज़न पर उपलब्ध कृति आदिवासी जन जीवन और लोक संस्कृति कृति आंचलिक आलेख इंकलाब पब्लिकेशन मुंबई से प्रकाशित के साथ डॉ रामशंकर चंचल की चर्चित कविताएं और तमिल भाषा में अनुवाद हुआ उनकी अद्भुत लेखन कविता और कथाएं अनुवादक तमिल भाषा के अकादमी प्रमुख श्री अनंत कृष्णन सेतुरमन द्वारा वह कृति भी भेंट किया इस सुखद और उम्दा साहित्य पर गर्व महसूस करते हुए प्राचार्य सोनू वसुनिया जी ने डॉ चंचल को बहुत बहुत बधाई देते हुएं गर्व महसूस किया कि आज झाबुआ जैसे पिछड़े अंचल में विश्व पटल पर दस्तक देती अमेज़न पर उपलब्ध कृतियों के रचयिता हैं सचमुच ईश्वर हर्ष का विषय है मुझे अच्छा लगा आपको यह सुखद अद्भुत अपहार आभारी है मिशन स्कूल आपके स्नेह और आशीष का
यहीं सब कृतियों को डॉ चंचल ने कन्या महाविद्यालय झाबुआ में बसंत पंचमी पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित हो अपनी कृतियों को भेंट किया प्रभारी प्राचार्या डॉ सारिका डुडवे को सार्थक विचारों से आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं को प्रेरित करने के साथ जीवन में कोई भी प्रतिभा को अपनाते हुए जीवन सार्थक कर देश और समाज को कुछ दे ताकी हमें अच्छा महसूस हो
डॉ रामशंकर चंचल की कार्यक्रम में उपस्थित पर कन्यामहाविद्यालय झाबुआ ने गर्व महसूस किया कि आज हमें देश के चर्चित साहित्य साधक से मिलना हुआ।




