बसंत पंचमी पर मंद-मंद मुस्काते भोले


इन्दौर – बसंत पंचमी की गौरवशाली परंपरा का निर्वाह इस बार फिर इन्दौर शहर की पावन धरती पर हुआ। मां सरस्वती की पालकी शोभायात्रा में इन्दौर और आसपास के क्षेत्रों के कई कवि साहित्यकार गांधी हाल से राजबाड़ा तक बेंडबाजे के साथ निकले। जगह-जगह इन पर पुष्प वर्षा की जा रही थी।इन्दौर साहित्य सागर संस्था की अगुवाई में यह 10 वां आयोजन था।पालकी यात्रा का समापन मां अहिल्या बाई प्रतिमा के प्रांगण में हुआ। जहां संस्था सदस्य कार्तिकेय कुमार त्रिपाठी ‘राम’ने अपने काव्यसंग्रह मंद-मंद मुस्काते भोले की प्रतियां संस्था अध्यक्ष श्री रमेश जी स्वतंत्र, इतिहासकार व पूर्व प्राचार्य श्रीधर बर्वेजी और चर्चित कवि साहित्यकार श्री रामचंद्र अवस्थी को भेंट की। मां अहिल्याबाई परिसर भोले..भोले .. के स्वर में गुंजायमान हो उठा।
निश्चय ही मां अहिल्या की नगरी में ज्ञान शिक्षा की देवी सरस्वती का नगर भ्रमण साहित्य के क्षेत्र में संजीवनी बूटी प्रदान करेगा।




