
भारत के हम गौरव है,आसमान
को छू सकते है,
कर्मठ स्वाभिमानी है,तकदीर
बदल सकते है।
सोच किरण से तेज़ है,मजबूत है इरादे।
ख्वाब आसमान से ऊंचा है, हम आसमान को भी पिघला सकते है।
भारत को सोने की चिड़िया बनाएंगे,तिरंगे को ऊंचा लहराएंगे।
भारत देश हमारा गौरव हमारा है,
कैसे मन मे लगी है,सूरज सी अगन।
मर- मिटने को आतुर, है तन बदन, है तुमसे ये हमारा नामो निशान।
है कुर्बान तुमपे ये दिल और जान,कभी धोखा ना देंगे ये वतन।
कभी होने ना देंगे, तेरी शान कम।
कोई तोडने जो आये,तो न छोड़ेंगे हम।
कोई बाँटना जो चाहे तो चुप न रहेंगे हम।
मुसीबत से न घबरायेंगे हौसला सभी का बढ़ायेंगे।
टैगोर से विचार, हर स्वीकार।
टेरेसा सी ममता,हर दुखी मन से प्यार।
विवेकानंद से भी सीखा है, करो खुद से भी प्यार।
राधाकृष्ण सा जीवन,हम जीने को तैयार।
मालिक है शक्ति के, कमजोर नही है हम।
आयाम बदल सकते है, नादान नही है हम।
बलिदानों का त्याग है, शहीदों की
कुर्बानी है।
हम भारतवासी है अपनी जान लुटा जाएंगे हम।
भारत हमारा देश है गौरव हमारा है ।।
संगीता वर्मा
कानपुर उत्तर प्रदेश




