साहित्य

मेरा अक्षर गीत

मुकेश कुमार दीक्षित 'शिवांश'

क से कबूतर पढ़ना छोड़ो
क से पढ़ लो कहानी,
खूब कहानी पढ़ने से तुम
बन जाओगे ज्ञानी।
ख से खरगोश पढ़ना छोड़ो
ख से तुम पढ़ लो खेल,
जीवन में अपने देखोगे
बढ़ जाएगा मेल।
ग से गमला भी तुम छोड़ोगे
ग से पढ़िए अब गीत ,
जब तुम सुंदर गीत सुनोगे
ज्ञान से होगी प्रीत।
घ से घड़ी भी पढ़ना छोड़ो
घ से घर सा व्यवहार,
बच्चा तो बन जाएगा फिर
बहुत बड़ा होशियार।

मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’
चंदौसी
मो ०-8433013409
दिनांक-19-1-2026

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