देव दीप साहित्य संगम, गोरखपुर की 8वीं मासिक काव्य गोष्ठी सफलतापूर्वक सम्पन्न

गोरखपुर। देव दीप साहित्य संगम, गोरखपुर (श्री दीप साहित्यिक सेवा संस्थान, गोरखपुर द्वारा संचालित) के संयुक्त तत्वाधान में नियमित मासिक काव्य गोष्ठी श्रृंखला की आठवीं कड़ी का आयोजन श्री विश्वकर्मा मंदिर, मानसरोवर, गोरखनाथ (गोरखपुर) में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रगुप्त प्रसाद वर्मा ‘अकिंचन’ ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में ख्यातिलब्ध साहित्यकार ओमप्रकाश द्विवेदी ‘ओम’ (पडरौना) उपस्थित रहे। संरक्षक के रूप में अरविन्द शर्मा एवं नंदलाल मणि त्रिपाठी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष, मुख्य अतिथि एवं संरक्षकद्वय द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ तथा अभय कुमार श्रीवास्तव द्वारा मां सरस्वती की वाणी वंदना प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। प्रथम प्रस्तुति प्रेमलता रसविंदु द्वारा दी गई, जिन्होंने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से सभी का मन मोह लिया। ई. दानिका प्रसाद विश्वकर्मा ने भी अपनी प्रस्तुति से खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम का संचालन प्रारंभ में अभय कुमार श्रीवास्तव ने प्रभावी ढंग से किया, तत्पश्चात संचालन का दायित्व प्रेमलता रसविंदु को सौंपा गया। उनके संचालन में डॉ. भारतेन्द्र सिंह, सुरेंद्र जायसवाल ‘मोड़’, दयानंद त्रिपाठी ‘व्याकुल’, राघवेंद्र मिश्र, रामनारायण गिरी, राजेंद्र बहादुर सिंह ‘हंस’, ईश्वर चंद विद्यावाचस्पति, कृष्ण श्रीवास्तव तथा एस. के. विश्वकर्मा ने अपनी समसामयिक, हास्य-व्यंग्य, प्रेम एवं वीर रस की रचनाओं से वातावरण को बसंती उल्लास से गुंजायमान किया।
संस्थान के संस्थापक दिनेश गोरखपुरी ने अपने दोहों के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों पर सार्थक प्रहार किया, जिसे सभी ने सराहा। उनकी रचना “कर्मवान चालीसा” का सस्वर पाठ अभय श्रीवास्तव ‘जिज्ञासु’ ने किया, जिसकी श्रोताओं ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
प्रज्ञा हिंदी सेवा संस्थान, फिरोजाबाद द्वारा सम्मानित गीतकार शैलेन्द्र पांडे ‘असीम’ ने अपने गीतों से श्रोताओं को भावुक कर दिया। अरविंद शर्मा ने अपनी मार्मिक एवं आध्यात्मिक रचनाओं से वातावरण को ऊर्जा से भर दिया। नंदलाल मणि त्रिपाठी ‘पीताम्बर’ ने भी अपनी प्रेरक रचनाओं से श्रोताओं को दायित्वबोध के लिए जागरूक किया।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी मंच के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश द्विवेदी ‘ओम’ को संस्था की ओर से स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्ति के उपरांत उन्होंने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से सभी को अभिभूत किया।
अंत में अध्यक्ष चंद्रगुप्त प्रसाद वर्मा ‘अकिंचन’ ने आशीर्वचन देते हुए साहित्यकारों की रचनाओं की सराहना की तथा मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन नंदलाल मणि त्रिपाठी द्वारा आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।




