साहित्य

किसी अजनबी की मुस्कान

सौ, भावना मोहन विधानी

किसी अजनबी की मुस्कान,
हमारे दिन को बना देती है।
पल भर के लिए दिल खुश हो जाता है,
और जिंदगी जैसे मुस्कुरा देती है।

हंसना रोना जीवन का हिस्सा है,
क्यों न किसी के खुशी का बहाना बने।
जरा सा मुस्कुरा दे हम भी,
जिंदगी का सच्चा तराना बने।

किसी अजनबी की मुस्कान हमको,
बहुत कुछ सिखा जाती है।
अपने गम से बाहर निकाल कर हमको,
जिंदगी का राज बता जाती है।

कभी-कभी यूं ही चलते राहों में,
कोई अचानक से मुस्कुरा देता है।
बोझिल से हमारे चेहरे पर,
एक पल के लिए हंसी ला देता है।

सौ, भावना मोहन विधानी
अमरावती महाराष्ट्र।

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