
दूध सफेद सुधा सा अमृत, तन-मन का हितकारी है।
हर कमजोरी दूर भगाए, दूध बड़ा भंडारी है।।
कैल्शियम से काया सुदृढ़, प्रोटीन का आधार है।
विटामिन से जीवन महके, जैसे कोई त्योहार है।।
हड्डी-दांत अटल कर देता, बल भरता अंग-अंग में।
रोग प्रतिरोधक दीप जलाता, उजियारा हर रंग में।।
नींद सुहानी गोद में लाए, मुख पर लाली छाए।
बालक, वृद्ध और तरुण, हँसकर इसे अपनाए।।
खीर, माखन, दही, पनीर से, घर-आँगन मुस्काए।
दिनेश ‘दिव्य’ कहें दिल से,प्रतिदिन इसे अपनाए।।
दो प्याले अमृत के पी लो,जीवन मधुमय हो जाए।
दूध पियो मुस्कान संग, सुख-स्वास्थ्य घर आए।।
*दिनेश पाल सिंह ‘दिव्य’*
*जनपद संभल उत्तर प्रदेश*




