

नवी मुंबई। अखिल भारतीय साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित ऑनलाइन काव्य गोष्ठी ‘सृजन के रंग’ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कनक लता तिवारी ने की, जबकि कार्यक्रम अध्यक्ष रागिनी देवी प्रसाद रहीं। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. माया दुबे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अलका पांडे की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना से हुआ, जिससे वातावरण आध्यात्मिकता और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा। गोष्ठी का प्रभावशाली संचालन जागृति सिन्हा ‘अजय’ ने अपने मधुर कंठ से किया।
काव्य गोष्ठी में देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े कवि एवं कवयित्रियों—रोमा झा, डॉ. रुपाली गर्ग, दिनेश वर्मा ‘कनक’, उषा सक्सेना (मुंबई), नम्रता मिश्रा ‘साहसी’, संजय जैन, पल्लवी रानी, सिंधु सनातनी, नीरजा सिंह, दयाराम ‘दर्द’, सीमा त्रिवेदी ‘साज’, मधु स्वामी, डॉ. अर्चना दुबे तथा कविता ए. झा—ने अपनी-अपनी मनमोहक रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता और अंत तक जुड़ाव ने आयोजन को जीवंत बनाए रखा। इस अवसर पर वक्ताओं ने ऐसे साहित्यिक आयोजनों को मन की शांति और रचनात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बताया।
कविता ए. झा (नवी मुंबई) ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गोष्ठियाँ साहित्यकारों को न केवल अभिव्यक्ति का मंच देती हैं, बल्कि आत्मिक संतोष और आनंद की अनुभूति भी कराती हैं।




