
परशुराम भगवान का, जन्मोत्सव है आज,
अक्षय तृतीया पुण्य तिथि, शुभ होते सब काज।
शुभ होते सब काज, न बाधा राह में आती,
बैसाख शुक्ल तृतीया, सुख-समृद्धि बरसाती।
धर्म हेतु धरि क्रोध, उठा परशु प्रचंड वीर,
अधर्म दलन को जन्मा, विष्णु अवतार है।
रेणुका नंदन, भृगुकुल दीपक तेजस्वी,
क्षत्रिय अहं हरन को बना धरा आधार है।
शिव चरण शिष्य, शस्त्र-शास्त्र में प्रवीण,
ज्ञान और तप से उज्ज्वल सारा संसार है।
अन्याय जहाँ दिखा, वहीं किया संहार,
धर्म-रक्षा हेतु सदा अडिग संकल्प धार है।
गंगा सम पावन, तप से धरा को सींचा,
त्याग और सत्य जिनका अनुपम व्यवहार है।
परशुराम जयंती पर वंदन बारंबार,
नमन उस महावीर को, जो धर्म का प्रहरी अपार है।
पावन यह उत्सव दिवस, गूंजे जय-जय नाम,
भक्ति भाव से झुके, हर जन ले श्रीराम।
कह ‘सुमन ’ विनय सहित, करें नमन अभिराम,
अक्षय कृपा बरसें सदा, जय जय परशुराम।।
डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार




