
नेत्रदान कर देखा करते
रक्तदान कर जान बचाते
अंगदान कर जीवित रहते
इतना ही हम समझे प्यारे
दूर करो अज्ञान अंधेरे
मिट जायेंगे भव के फेरे
ले लो तुम संज्ञान यह प्यारे
चमकोगे फिर नीलगगन में
बन जाओगे ध्रुव से तारे
हो जाओगे सबके प्यारे।
डॉ.उमा रानी दुबे
जयपुर, राजस्थान




