
होंसले को सदैव रखना।।
होंसले को सदैव रखना।।
खोना नहीं निराशाओं में कहीं,
अपने मन में एक जुनून रखना।
तुम चाहो तो कर सकते हो ,
इतना ही विश्वास है रखना ।
उम्मीदों पर खड़ी उतरना ,
उज्ज्वल भविष्य अपना रखना ।
ना कोई डराएगा ,
ना किसी का डर रखना ।
रस्ते चाहे कठिन हो कितने ,
तुम सिर्फ हिम्मत रखना ।
डर जाओ ,
तो साथ एक वचन रखना।
उड़ाने के बीच ,
कभी कोई विघ्न ना रखना।
कोशिश इतनी करना,
गलती का कोई मौका ना रखना।
दरवाज़े हो सबके,
तू एक दरवाजा याद रखना ।
चाहे मज़्ज़ित हो , या गुरुद्वारे , या मंदिर हो , या चर्च,
तू अपनी मंजिल एक रखना ।
विघ्नों से भाग के ,
तू आप पेरो कुल्हाड़ी मत रखना।
हौसलों से एक बार ,
अपनी मंजिल को छू कर रखना।
राहे चाहे कठिन हो ,
तू दिल में सिर्फ हिम्मत रखना ।
आंसुओं से डर कर तू ,
अगली गलती फिर मत रखना ।
ईरादे नेक और मन स्वच्छ,
जीवन में एक निर्णय तय रखना।।
होंसले को सदैव रखना।।
होंसले को सदैव रखना।।
– रिया राणावत
कालोदेवी,झाबुआ(मध्यप्रदेश)



