
गाड़ी के पहिये के
नीचे आ गया
क्या पता कैसे
मैं तुझको अपना बना गया
सोचा नहीं था
कि ये भी हो जाएगा
तेरे अलावा
मुझे अब शायद ही कोई पसंद आएगा
दीवाना बना दिया है
तेरे इश्क़ ने मुझको
सब सुहाना सा लगता है
तेरे इश्क़ में मुझको
तेरी मुस्कान
ले आती है मेरे दिल में बहार
शायद, हाँ शायद
मैं पागल हो जाऊँगा
पर तुझे कैसे बताऊँगा
— रिया राणावत
कालीदेवी,झाबुआ(मध्यप्रदेश)




