
गौतम बुद्ध का ज्ञान
जय जय गौतम बुद्ध भगवान।
जन्मे पांच सौ तिरेसठ ईस्वी पूर्व लुम्बिनी कपिलवस्तु स्थान।

उन्तीस वर्ष में घर गृहस्थी त्याग दी पाने को अनुपम ज्ञान ।।
जन्म , मरण , दुख से छुटकारा कराया मुक्ति मार्ग का ध्यान।
बोधगया बिहार के अन्दर तपकर कठोर तब पाया था ज्ञान ।।
सत्य अहिंसा तप अपनाओ , करो न कटु वाणी वाण संधान ।।
एक दिन सभी धरा रह जाये , धन यह न कर पायेगा कल्यान ।।
मक्खन मन में मस्त रहो नित और करना हरि ही का गुण गान।।
डा राजेश तिवारी मक्खन
झांसी उ प्र



