
विश्व तंबाकू निषेध दिवस हमें संदेश देता है,
हर इंसान को स्वस्थ जीवन का रास्ता दिखाता है।
तंबाकू सेवन और धूम्रपान सेहत के लिए बेहद हानिकारक हैं,
ये आदतें जीवन के सबसे बड़े शत्रु और खतरनाक हैं।
जो इनकी गिरफ्त में आ जाता है, पछताता है,
अपनी ही खुशियों को धीरे-धीरे खोता जाता है।
सांसों की डोर कमजोर होने लगती है,
और जीवन की रफ्तार थम सी जाती है।
आइए, इसे त्यागकर एक स्वस्थ जीवन अपनाएं,
अपने घर-आँगन में खुशियों के दीप जलाएं।
हर धुएँ से दूरी बनाना ही समझदारी है,
यही आज के समय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
स्वच्छ हवा में जीना हमारा अधिकार है,
यही सच्चे सुख और शांति का आधार है।
नशे से दूरी बनाकर खुद को मजबूत करें,
और अपने भविष्य को उज्ज्वल और सुगठित करें।
आज ही संकल्प लें, कदम आगे बढ़ाएं,
तंबाकू की लत को जड़ से मिटाएं।
स्वास्थ्य ही जीवन का असली धन है,
इसे बचाना हर इंसान का पावन कर्तव्य है।
अतुल पाठक
हाथरस(उत्तर प्रदेश)




