
रचित गीत संगीत शारदे।
ललित राग का ज्ञान शारदे
सरल भाव का प्रेम है जहाँ।
अमित रीति का प्यार है वहाँ।।
अखिल विश्व में प्रेम प्यास है।
हृदय में जगाई सुवास है।।
मगन राधिका बांसुरी रहे।
अधर बीच में सोहती कहे।।
प्रगति आस है तो उजास की।
डगर देखते हैं सुवास की।।
मधुर प्रेम आभास हास का।
मिलन मानिए प्रेम रास का।।
डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण
छतरपुर मध्यप्रदेश




