साहित्य

भोर का सपना

सौ, भावना मोहन

कहते हैं भोर का सपना सच होता है,

जो चाहे ब्रह्मांड वह हमें दे देता है।

बस प्रार्थना हो सच्चे मासूम दिल से,

जीवन में फिर फूल जाते हैं खिल से।

 

जैसे ही स्वर्णिम किरने छूती है धरा,

हट जाता है जैसे अंधेरे का पहरा।

फूल कलियां मुस्कुराने लगती है,

ठंडी ठंडी पुरवाई भी बहने लगती है।

 

भोर हमें एक नया संदेशा देती है,

उठो और आगे बढ़ो बस यह कहती है।

भोर में देखा सपना तुम्हें पूरा करना है,

अपने जीवन में नए रंगों को भरना है।

 

भोर में देखे सपने पर विश्वास होता है,

एक अलग खुशी और उल्लास होता है।

भोर में देखा सपना सच हो जाता है,

भोर का सपना सफलता दिलाता है।

 

सौ, भावना मोहन विधानी ✍️

अमरावती महाराष्ट्र।

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