साहित्य

दिवस पर एक संदेश

सीता सर्वेश त्रिवेदी

पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज हर जगह पेड़ लगाए गए। लोगों ने उत्साह के साथ पौधारोपण किया, तस्वीरें खिंचवाईं और सोशल मीडिया पर साझा भी कीं। यह एक अच्छी शुरुआत है, क्योंकि पेड़ लगाना प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का पहला कदम है।

 

लेकिन केवल पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है। असली जिम्मेदारी तब शुरू होती है जब उन पौधों की देखभाल करनी होती है। यदि लगाए गए पौधे कुछ दिनों बाद पानी और सुरक्षा के अभाव में सूख जाएँ, तो हमारा प्रयास अधूरा रह जाता है।

 

इसलिए आप सभी से विनम्र प्रार्थना है कि जो पेड़ आपने लगाए हैं, उन्हें केवल सोशल मीडिया की पोस्ट बनाकर न छोड़ दें। उनकी सुरक्षा, सिंचाई और देखभाल की जिम्मेदारी भी स्वयं लें। आज की तारीख याद रखिए और संकल्प लीजिए कि वर्ष 2027 में उसी स्थान पर खड़े होकर उस पेड़ की तस्वीर साझा करेंगे, जिसे आपने 2026 में लगाया था। तब वह छोटा पौधा एक मजबूत और हरा-भरा वृक्ष बन चुका होगा।

 

हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। हम पेड़ों के बिना नहीं रह सकते, लेकिन पेड़ हमारे बिना भी जीवित रह सकते हैं। वे हमें शुद्ध वायु, छाया, फल, वर्षा और जीवन देते हैं। इसलिए केवल एक दिन पौधारोपण करना ही नहीं, बल्कि वर्षों तक उन पौधों को जीवित रखना ही सच्ची पर्यावरण सेवा है।

 

आइए, इस पर्यावरण दिवस पर हम सिर्फ पेड़ लगाने का नहीं, बल्कि उन्हें बचाने और बड़ा करने का भी संकल्प लें। यही प्रकृति के प्रति हमारा सच्चा प्रेम होगा।

सीता सर्वेश त्रिवेदी जलालाबाद शाहजहांपुर

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