साहित्य

खुद पर विश्वास

सुमन बिष्ट

खुद पर विश्वास रखो,
यही सबसे बड़ी पहचान है,
मन की दृढ़ता और साहस ही
जीवन की सच्ची उड़ान है।

जब राहों में अंधियारा हो,
जब मंज़िल दूर दिखाई दे,
अपने हौसलों का दीप जलाओ,
जब हर राह मुश्किल दिखाई दे।

दूसरों के सहारे चलना,
अक्सर कदम डगमगा देता है,
पर आत्मविश्वास का संबल,
हर तूफ़ान को झुका देता है।

जो अपने लक्ष्य पर अडिग रहे,
वह हार कहाँ मानता है,
काँटों भरे पथ पर भी वह,
सफलता के फूल चाहता है।

खुशियों की चाबी सदा,
अपने हाथों में ही रखना,
स्वयं पर भरोसा करने वाला
पूरा करता है हर सपना अपना।

इसलिए उठो, स्वयं को पहचानो, अपनी शक्तियों को जगाओ,
हर चुनौती को अवसर समझो,
और जीवन को सफल बनाओ।

खुद को मजबूत बनाओ इतना,
कि समय भी साथ निभाए,
जो खुद पर विश्वास करे,
वह हर ऊँचाई को छू जाए।

स्वरचित मौलिक अभिव्यक्ति
सुमन बिष्ट, नोएडा

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