साहित्य

वीर छंद स्तुति

डॉ मंजु गुप्ता

हे अचलेश्वर अमरेश्वर श्री , अमदन अहिधर आशावान।
उमाकांत उमानाथ उन्मत , ईश इंदुशेखर ईशान ।।
उत्तम उत्तर उद्योगी शिव,अन्नतयोनि अम्बिकानाथ।
कतुक्षयी कपालभृत करणम्, मिले कर्पूरगौरम् साथ।।

अजअनिवृत्तात्मा अविनाशी, महादेव मय आज्ञाधार।
मृगपति महाक्ष मरघटवासी, भूति मनोबुद्धिरहंकार।।
महावृषभवाहन भूतेश्वर, भूपति मलहीन महाकाल।
सुनो महाकर्मन अब विनती, शिव मृगवाणार्पण मखलाल।।
डॉ मंजु गुप्ता
वाशी , नवी मुंबई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!