साहित्य

चौपाई मौन साध कर बैठे रहना

सुधीर श्रीवास्तव 

मौन साध कर बैठे रहना।

मान रहे क्या जीवन गहना।

अन्याय देख जो चुप रहते ।

समझो कितना कुछ वो सहते।।

 

कायरता की बातें करना।

बिन हिम्मत के केवल डरना।।

बोलें सच जब वक्त पुकारे।

वही मनुज कहलाएं प्यारे।।

 

नीर पेट का नहीं डुलाना।

आग लगे तब दीप बुझाना।।

जागो अरु आवाज उठाओ।

विजय पताका तुम लहराओ।।

 

धर्म सत्य की गाथा गाओ।

मौन छोड़ अब आगे आओ।।

जीवन में कुछ नाम कमाओ।

सतपथ पर नित चलते जाओ।।

 

सुधीर श्रीवास्तव

गोण्डा उत्तर प्रदेश

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