साहित्य

बाघ बचाओ 

डा राजेश तिवारी

बाघ बचाओ , बाघ बचाओ ।

पावन प्रकृति को सजाओ ।।

भारत भूमि का राष्ट्र पशु है ।

व्याघ्र विदित ये राष्ट्र पशु है।।

वन की इससे ही शोभा है।

दर्शन करने मन लोभा है ।।

तन पर इसके धारे दिखती ।

धाव कीर्ति मसि से लिखती।।

तेज पुंज तप वाली लगता ।

बहुत तीव्र गति से भगता ।।

भारत भव्य सुकीर्ति गाओ।

बाघ बचाओ बाघ बचाओ।।

पावन प्रकृति को सजाओ।

बाघ बचाओ बाघ बचाओ।।

 

डा राजेश तिवारी मक्खन

झांसी उ प्र

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