
बाघ बचाओ , बाघ बचाओ ।
पावन प्रकृति को सजाओ ।।
भारत भूमि का राष्ट्र पशु है ।
व्याघ्र विदित ये राष्ट्र पशु है।।
वन की इससे ही शोभा है।
दर्शन करने मन लोभा है ।।
तन पर इसके धारे दिखती ।
धाव कीर्ति मसि से लिखती।।
तेज पुंज तप वाली लगता ।
बहुत तीव्र गति से भगता ।।
भारत भव्य सुकीर्ति गाओ।
बाघ बचाओ बाघ बचाओ।।
पावन प्रकृति को सजाओ।
बाघ बचाओ बाघ बचाओ।।
डा राजेश तिवारी मक्खन
झांसी उ प्र




