
परतन्त्रता कि पीड़ा का
प्रतिकार माँ भारती कि
करुण पुकार स्वतंत्रता का
प्रथम शांखनाद!!
सन उन्नीस सौ सत्तवान
वेदना प्रवाह प्रतिज्ञा
स्वतंत्रता कि चिंगारी
मेरठ सैनिक छावनी का
जवान!!
बागी बलिया कि पावन
भूमि कि कण कण कि
चेतना जागृति का रक्त
संचार स्वीकार!!
विलम्ब नहीं पल भर का
अन्याय अत्यचार साम्राज्य
जागा बलिया का बाघ!!
प्रतंत्रता विरोध कि क्रांति
उठा लिया शस्त्र विसार
शांति संस्कार!!
कायरता शांति का शीश
झुकते रहना ही जिसका
काम शीश उठाकर जीना
राष्ट्र गौरव अभिमान!!
धाराशाही कर दिया
गोरो को चाहू ओर गुंजा
जय जय भवानी जय
जय माँ भारती जय जय
भरत भारत का मान!!
फूँक दिया विगुल क्रांति का
जगा दिया भारत का
बच्चा नौजवान धैर्य धीर
वीर मंगल पाण्डेय नाम!!
भारत कि प्रथम स्वतंत्रता
युद्ध का प्रथम त्याग
बलिदान पराक्रम पुरुषार्थ
भूल कैसे हम सकते है
शत शत नमन आपको
करते है बारम्बार!!
नन्दलाल मणि त्रिपाठी गोरखपुर उत्तर प्रदेश!!




