साहित्य

प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक 

डॉ गीता पांडेय

भक्ति भाव से पूजिए,श्री गणपति महाराज।

भक्तों पर करते कृपा,जाने सकल समाज।

एक दंत है सोहता,फरसा धारे हस्त,

दोस्तों को संघर्ष, भक्त करें सब राज।।

 

लंबोदर कहते इन्हें, करते कृपा अपार।

विघ्नेश्वर हैं इस जगत,सर्व विदित संसार।

वेद शास्त्र का ज्ञान ले, भक्तों का कल्याण,

ऐसे कृपा निधान की,करिए जय-जय कार।।

 

प्रथम पूज्य गणराज हैं, तिलक सोहता भाल।

परि परिजन परिवार का, रखें सदा ही ख्याल।

दुर्वा मोदक प्रिय लगे,छंद शास्त्र का ज्ञान,

करता जो भी ध्यान है,वह रहता खुशहाल।‌।

 

शिव गौरी के लाल हैं,सजा हुआ शुचि धाम।

प्रथम पूज्य शुभ देवता,पूर्ण करें सब काम।

रिद्धि सिद्धि दाता बने,विद्या बुद्धि निधान,

विघ्न हरण करिवर वदन, गणपति तुम्हें प्रणाम।।

 

डॉ गीता पांडेय अपराजिता

सलोन रायबरेली उत्तर प्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!