साहित्य

प्यार की सौग़ात

सुमन बिष्ट

 

तुमसे ही शुरू मेरी हर सुबह खास है,
तुम बिन मेरा हर दिन कुछ उदास है।

मेरी हर दिन की पहली दुआ तुम हो,
मेरी हर सांस,हर धड़कन में बसे तुम हो।

दुनिया की भीड़ में दिल का सुकून तुम हो,
मेरे इश्क़ का सबसे सुंदर एहसास तुम हो।

चाहूँ मैं, कभी वक़्त ऐसे ही थम सा जाए,
जब हम एक दूजे की बाहों में समा जाएं।

हर साल बदलते हैं सब लोग और उनके रंग,
पर तुम्हारा तो वही है अपनेपन वाला रंग ढंग।

कई मौसम बदलें और कभी इरादे भी डगमगाएँ,
पर दिल सदा तुम पर पूरा विश्वास जताए।

समय के साथ मेरा विश्वास बढ़ता ही गया,
और दिल में मेरे,तुम्हारा ही नाम बस गया।

तुमसे ही दिन और रात ख़ूबसूरत ख़्वाब से है
तुमसे मेरे जीवन के हर लम्हें खास से हैं।

मेरी हर ख्वाहिश की शुरुआत तुम हो ,
और ज़िंदगी के सफ़र में हमसफ़र तुम हो।

गर हर नये सफ़र के मोड़ में तेरा साथ है
तो हर दिन हमारी ज़िंदगी में उल्लास है।

मुस्कुरा कर जो तुम, साथ मेरे ठहर जाओगे,
तो मेरे प्यार की सबसे बड़ी सौगात बन जाओगे।

सुमन बिष्ट, नोएडा से

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