साहित्य

स्वामी विवेकानन्द का पथ

कुँ० प्रवल प्रताप सिंह राणा 'प्रवल'

आज रास्ता मिला हमें जीवन जी लें नया ।।
दुख दर्द कम हुए नया उत्साह मिल गया।।

स्वामी विवेकानंद की शिक्षा बहुत काम की।
बातें जीवन की हैं और उत्तम आध्यात्म की।

मन भी शीतल हुआ कोमलता से भर गया।।

आज रास्ता मिला हमें जीवन जी लें नया ।।1

अब तलक जीवन कुछ था अपूर्ण सा मेरा।
जीवन में दुख रहे तो सुख प्रवाह भी घनेरा।

गुरु सानिध्य मिला मन में स्थायित्व दे गया।।

आज रास्ता मिला हमें जीवन जी लें नया ।।2

मन में बढ़ेगा ठहराव थोड़ा तो भ्रांति मिटेगी।
कुछ ज्ञान प्राप्त होगा मन में शांति मिलेगी।

शांत मन उन्नति करेगा ऐसा विश्वास दे गया।।

आज रास्ता मिला हमें जीवन जी लें नया ।।3

लगता है अब ज्ञान से अच्छा स्वभाव होगा।
मानव मात्र के प्रति अधिक सेवाभाव होगा।

आध्यात्मिक रूप से जीवन उन्नत कर लिया ।।

आज रास्ता मिला हमें जीवन जी लें नया ।।4

आएं स्वामी जी की शिक्षा आत्मसात कर लें।
ज्ञान तत्व प्राप्त हो ईश्वर अंश हैं ज्ञात कर लें।

मंथन करें विश्वास से संकल्प कर लें नया।।

आज रास्ता मिला हमें जीवन जी लें नया ।।
दुख दर्द कम हुए नया उत्साह मिल गया।। 5

रचनाकार
कुँ० प्रवल प्रताप सिंह राणा ‘प्रवल’
बेंगलुरू, 78275 89250

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