
सजगता से,निडर होकर
करें रखवाली वह दैनिक।
मेरा सैल्यूट है उनको,
जयहिंद जयहिंद सैनिक।।
सहे वो शीत,वर्षा,ताप सब,
करें दिन रात रखवाली।
मनाते सीमाओं पर ही
हमेशा होली दीवाली।।
रहता एक ही मकसद,
सुरक्षित देश हो अपना।
यहां घुसपैठ करने का,
करें नाकाम हर सपना।।
तुम्हारे ही दम पर हम सब,
यहां आराम से रहते।
करें सैल्यूट हम तुमको,
जयहिंद जयहिंद कहते।।
डॉ.अनिल शर्मा ‘अनिल’
धामपुर, उत्तर प्रदेश



