
जब साँसें टूटने लगती हैं और
उम्मीद दम तोड़ रही होती है,
तब सफ़ेद कोट में लिपटा हुआ
एक इंसान भगवान सा दिखता है।
मंदिर की घंटियों से पहले
आईसीयू की मशीनें बजती हैं,
और हर बीप के साथ एक
किसी माँ की दुआ चलती है।
ये वो हैं जो नींद को कुर्बान कर देते हैं,
किसी और की सुबह ज़िंदा रह सके।
हाथ काँपते हैं,पर इरादे नहीं,
आँखों में थकान है पर दिल में हार नहीं।
मौत से रोज़ लड़ते हैं,फिर भी मुस्कुराते हैं,
क्योंकि किसी की जीत इनकी
सबसे बड़ी सैलरी होती है
जब दवा काम कर जाए !
तो चमत्कार कहलाता है,
जब ना करे तो दोष इन्हीं पर आता है।
ये दर्द भी सहते हैं,और ज़िम्मेदारी भी,
इसलिए शायद लोग कहते हैं!
डॉक्टर भगवान होते हैं,क्योंकि
ये इंसान होकर भी हर रोज़
किसी को नया जीवन देते है!
कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश



