
पानी जीवन के लिए, है अमोल उपहार।
निर्मल पानी पीजिए, पाओ खुशी अपार।।
पाओ खुशी अपार, रहे अनवरत रवानी।
सकल सुखों का भोग,रखे अपने मन पानी।।1।।
ईश्वर ने जग को दिया, है सुंदर उपहार।
बिना नीर क्या हो सके, बारह मास बहार।।
बारह मास बहार, जिंदगी में सब मनहर।
जीवों के हित नीर, दिया दुनिया को ईश्वर।।2।।
ब्रह्मनाथ पाण्डेय’ मधुर’
वार्ड नंबर-5 काॅंटी, मुहल्ला- ककटही, नगर पंचायत- मेंहदावल,
पोस्ट- मेंहदावल, जिला- संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश 272271




