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कभी समय कमजोर कभी बलवान होता है।
जो निभाता धैर्य से वह ही इंसान होता है।।
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दुःख में सुख में सोच मजबूत रहे आपकी।
कभी भी नहीं मनस्थिति मजबूर रहे आपकी।।
आपका दृष्टिकोण हीआपकी पहचान होता है।
कभी समय कमजोर कभी बलवान होता है।।
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हम चिंता नहीं चिंतन करते परिश्रम रंग लाता है।
नहीं रुकते तो जीवन सफलता को अंग लगाता है।।
आपके धन नहीं श्रम को मिलता वो सम्मान होता है।
कभी समय कमजोर कभी बलवान होता है।।
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अहंकार को एक दिन समय जरूर तोड़ देता है।
जो नहीं आदर करता समय उसको छोड़ देता है।।
जो कदम मिला चलता तभी समय मेहरबान होता है।
कभी समय कमजोर कभी बलवान होता है।।
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एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।




