
पोते ने पूछा दादा जी
अर्थ क्या इस बात का,
, धोबी के कुत्ते को कहते
घर का है न घाट का।
दादा बोले, लोग यहाँ जो
दो पक्षों संग रहते,
दोनों की बातों को ही वे
इधर उधर जा कहते।
ऐसे मानव कभी किसी से
सम्मान नहीं पाते,
घर के न घाट के वे कुत्ते
धोबी के कहलाते।
मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’
चंदौसी
मो ०- 8433013409
दिनांक- 25-1-2026




