साहित्य

सशक्त भारत का संकल्प

डाॅ सुमन मेहरोत्रा

गणतंत्र दिवस का पावन अवसर,
नव भारत का स्वर गाता है।
छात्र शक्ति के उज्ज्वल कंधों पर
भविष्य अपना आकार पाता है।

छात्र गणतंत्र का यह उत्सव
केवल उत्साह का पर्व नहीं,
यह सीख है — कैसे लोकतंत्र
संस्कारों से बनता सही।

वर्तमान सरकार के प्रयासों से
नव शिक्षा का दीप जला,
डिजिटल भारत, आत्मनिर्भरता
हर छात्र का पथ प्रशस्त बना।

नयी नीति, नये विचार
युवाओं को आगे लाए,
कौशल, शोध और नवाचार
भारत को विश्व मंच दिलाए।

संविधान की मर्यादा में रहकर
विकास का रथ है आगे बढ़ा,
सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान
हर नागरिक को मिला सदा।

छात्र हैं लोकतंत्र की नींव मजबूत,
सरकार बनी उनकी ढाल,
ज्ञान–विज्ञान से युक्त युवा
भारत का बदले काल।

आओ लें संकल्प गणतंत्र दिवस पर
कर्तव्य को रखें सर्वोपरि,
सरकार–छात्र मिलकर गढ़ें
एक भारत — सशक्त, समृद्ध, स्वर्णिम।

डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!