साहित्य

चिंतन

सुमन बिष्ट

अगणित बलिदानों से मिली
आज़ादी के महत्व को
वर्तमान में हर देशवासी को
समझना और समझाना है
विकासशील अभी है
भारत देश हमारा
सेवा, सहयोग,समर्पण से
विकसित देश बनाना है॥१

बुनियादी शिक्षा,
स्वास्थ्य सुविधाएँ कर बेहतर
सरकार को, हर नागरिक
तक उन्हें पहुँचाना है
फिर ज़रूरत नहीं किसी भी
मुफ़्त योजना की
परिश्रम का महत्व
सब को सिखाना है॥२

मेहनत के बल पर
कई व्यक्तित्व उभरकर आए 
मेहनतकशों को अब
शीर्ष पटल पर जगमगाना है
लक्ष्य और कर्म ही होता है
ज़िंदगी में सर्वोपरि
कर्मठता का पाठ
अब सबको पढ़ाना है॥३

हर व्यक्ति में होता है
कोई ना कोई हुनर
उसे प्रोत्साहित कर
अब आगे बढ़ाना है
मेहनतकश़ और कर्मठ है
हमारा हर देशवासी
आत्मनिर्भरता की दिशा में
सबको क़दम बढ़ाना है॥४

सुमन बिष्ट

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