
नाच न जाने ऑंगन टेढ़ा
दादा सब यह कहते ,
आता नहीं समझ में मेरी
क्यों इसको वे सहते?
दादा बोले, काम कोई जब
नहीं किसी पर आता,
सारा दोष लगा औरों पर
अपनी कमी छिपाता।
उसी व्यक्ति के बारे में ही
कहा यही है जाता,
नाच न जाने ऑंगन टेढ़ा
केवल दोष लगाता।
मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’
चंदौसी
मो ०- 8433013409
दिनांक- 31-1-2026




