अनियमित जीवनशैली का नतीजा है कैंसर – डॉ रुप बनर्जी

दुनिया में तेजी से पैर पसारने वाली बीमारी है कैंसर, जो शरीर के किसी भी अंग में किसी भी रूप में फैल सकती है। यह एक गंभीर बीमारी है जिससे दुनिया भर में मौत का ग्रास बनने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कैंसर से बचाव और उसके प्रति जागरूकता पैदा करने के इरादे से ही हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है।
इस अवसर पर होमियोपैथिक चिकित्सक डॉ रुप कुमार बनर्जी ने एक विस्तृत चर्चा करते हुए बताया की अनियमित जीवनशैली का नतीजा है कैंसर जैसी घातक बीमारी। अनियमित दिनचर्या होने का प्रभाव शरीर की रोग-प्रतिरोध क्षमता पर पडता है। शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण कई प्रकार के रोग शुरू होने लगते हैं। प्रदूषण और पोषक आहार की कमी के कारण कैंसर के ट्यूमर बढते हैं। कैंसर के 90 से 95 प्रतिशत मामले वातावरण और जीवन शैली के कारण होते हैं। कैंसर से जुडे जीवनशैली कारकों में एल्कोहल, धूप का प्रभाव, संक्रमण, तनाव, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता प्रमुख है।
डॉ रुप ने आगे बताया की कैंसर जैसी बीमारी से बचने का सबसे सही उपाय है, सावधानी और सतर्कता। कैंसर से बचने के लिए इसके विभिन्न कारणों और लक्षणों के बारे में जनकारी रखना बेहद आवश्यक है। वर्तमान समय में कैंसर कई रूपों में पैर पसार चुका है, जिनमें मुख कैंसर ,स्तन कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, ब्लड कैंसर, पेट का कैंसर शामिल है। यदि कैंसर से बचना चाहते हैं तो आपको अपनी जीवनशैली नियंत्रित करनी होगी। इतना ही नहीं अपने खानपान पर विशेष ध्यान रखना होगा। एक प्रश्न के जबाब में उन्होंने बताया कि होम्योपैथी के द्वारा कैंसर की बहुत सारी बीमारियां ठीक हो जाती हैं बशर्ते शुरुआती दौर में इसका पता चल जाए तो।



