
जो प्रवेश अंतर्मन करते ।
वो विचार मानवता गढ़ते ।।
अच्छा सोचो अच्छा बोलो ।
वाणी अपनी पहले तोलो ।।
मुख से जो हैं प्राणी कहते ।
वो विचार मानवता गढ़ते ।।
प्रेम हृदय में यहां पलेगा ।
भले बुरे का ज्ञान मिलेगा ।।
जैसी संगत में हम रहते ।
वो विचार मानवता गढ़ते ।।
सोम सदा कालिख ही देता ।
कपट यहाँ रखता है नेता ।।
संत सदा परहित की कहते ।
वो विचार मानवता गढ़ते ।।
बच्चों को भी प्रेम सिखाना ।
संस्कारों को याद दिलाना ।।
तब ही ये सब आगे बढ़ते ।
वो विचार मानवता गढ़ते ।।
नीलम अग्रवाल “रत्न” बैंगलोर 🙏




