साहित्य समाचार

सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’ को नेपाल से मिला स्त्री शक्ति सम्मान -2026

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर जयपुर मूल की मुम्बई निवासी सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’ को ‘स्त्री शक्ति सम्मान’ से सम्मानित किया गया
नेपाल भारत मैत्री विकास, मिथिला तथा अवध सांस्कृतिक पर्यटन विकास, देवनागरी लिपि के संरक्षण संवर्धन, हिंदी तथा नेपाली भाषा को मैत्री भाषा के रूप में प्रचारित तथा देश-विदेश की प्रतिभाशाली महिलाएं ,जो इस प्रयास में महती भूमिका निभा रही हैं, उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’ को ‘स्त्री शक्ति सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल, भारत सहित विश्व के अनेक देशों की तीन सौ कवयित्रियों, समाज सेविकाओं, लेखिकाओं को ई प्रशस्ति पत्र सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समय- समय पर भौतिक व आनलाइन कार्यक्रमों का आयोजन कर विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभावों को प्रोत्साहित करती आई है।
सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’ साहित्य के क्षेत्र में निरंतर क्रियाशील रहकर साहित्य की सेवा कर रही हैं। कई सा‌ंझा संकलन प्रकाशित हुए हैं। एक पुस्तक ‘भारत की नारी विभूतिया‌ँ’ ‘ का सम्पादन व प्रकाशन तथा अनेक पत्र-पत्रिकाओं में इनकी रचनाएं प्रकाशित हो चुकी है। कई साहित्यिक संस्थाओं की साहित्य प्रतियोगिता में प्रथम व द्वितीय स्थान पर पुरस्कृत हो चुकी हैं।
शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल की ओर से अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस, 2026 फरवरी, पर ‘मातृभाषा रत्न मानद उपाधी’ का सम्मान दिया गया है।
इससे पूर्व तीन साहित्य संस्थाओं में साहित्य के क्षेत्र में मानद उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है।
विश्व हिंदी लेखिका संस्था द्वारा ‘राजस्थान रत्न सम्मान’ व हिंदी की गूंज जापान की संस्था द्वारा ‘काव्य श्री सम्मान’ से भी सम्मानित किया गया है। कई वर्षों तक महिलाओं व बालिकाओं के स्वावलंबन हेतु निशुल्क हाबी क्लासेस चला चुकी हैं। कच्ची बस्तियों में आवश्यक सामग्री वितरण व शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर चुकी हैं।
शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल से सम्मानित होंने पर सुखमिला अग्रवाल’भूमिजा’ ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्था साहित्य साधकों के लिए वरदान से कम नहीं है। देश-विदेश में साहित्य की सेवा कर रहे हज़ारों साहित्य साधकों, लेखकों को प्रोत्साहित व सम्मानित कर चुकी है।
संस्था के अध्यक्ष आनंद गिरि मायालु जी, प्रतिभा चयन समिति संयोजक डा. प्रीति प्रसाद प्रीत ने प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की व इसी तरह भविष्य में सक्रियता से साहित्य सेवा करने का अनुरोध किया।

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