
अहरौला। थाना क्षेत्र के कोतवालीपुर गांव निवासिनी बिधवा मनभावता पत्नी जगदीश ने बताया कि उसके पति की मौत हो गई है पति तीन भाई थे मैंने अपनी आबादी सूदा जमीन प्लाट संख्या 214 पर मकान बनाया है उसी में रहती भी थी बीते तीन-चार महीना से ज्ञानमती उर्फ विद्या पत्नी दिनेश जबरन मेरे टीन सेट के मकान में घुस कर कब्जा कर लिया है और मुझको और मेरे बच्चों को मार कर बाहर निकाल दिया पीड़ित मनभावता ने बताया कि इसके पहले भी हमने न्याय के लिए मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी, डीआईजी को प्रार्थना पत्र दे चुकी हूं बीते शुक्रवार को मंडलायुक्त आजमगढ़ को भी पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई और न्याय न मिलने पर आत्मदाह की भी चेतावनी दी है मंडलायुक्त के निर्देश पर शनिवार को थाना दिवस मे पहुंचे एसडीएम बुढनपुर अभय राज पांडेय, क्षेत्राधिकार कौस्तुभ त्रिपाठी, थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा भारी कोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे और नाप जोक भी की गई पीड़ित महिला मनभावती का कहना है कि लेकिन मुझे कोई न्याय नहीं मिला मेरे पास मुकदमा लड़ने की क्षमता नहीं है मैं यह बात मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से भी कहा है जिस पर मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने तहसील और थाने पर निर्देश दिया था कि महिला को न्याय दिलाया जाए लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो पाया अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं अपने परिवार के साथ आत्मदाह करने के लिए बाध्य हूं। जबकि सभी के मेरे पास कागजात है नकल है लेकिन प्रशासन मुझे न्याय दिलाने में पूरी तरह से सफल है अब मैं कहां जाऊं मेरे पास आत्मदाह का ही विकल्प बचा हुआ है।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी बुढनपुर अभय राज पांडेय ने बताया की अहरौला थाना दिवस से कोतवालीपुर गांव में मैं और सीओ सहित पूरी टीम पहुंची थी दोनों पक्षों को देर तक समझाया बुझाया गया लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया पीड़ित महिला को सिविल न्यायालय जाने का सुझाव दिया गया है फिर भी वह मुकदमा लड़ने मे सक्षम नहीं है येसे लोगो को सरकार की तरफ से निःशुल्क विधि व्यवस्था है।

