भागवत भक्ति गंगा में मंद-मंद मुस्काते भोले –

इन्दौर – आज ग्राम जम्बूर्डी हप्सी में भागवत कथा के पांचवे दिन पांडाल में भक्ति रसिकों का उमड़ता सैलाब चरम पर था।
धार के पंडित उमेश चन्द्र शर्मा नें परीक्षित तुल्य यजमान कैलाश जी सांखला, भगवान जी सांखला,हरिओम सांखला मुकेश सांखला परिवार के सानिध्य में कथा के मध्य अपने भजनों से भक्तिमय गंगा बहाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया।
इस दौरान स्थानीय कन्या माध्यमिक विद्यालय जम्बूर्डी हप्सी में पदस्थ शिक्षक कार्तिकेय कुमार त्रिपाठी नें हाल ही में प्रकाशित अपनी पुस्तक…मंद-मंद मुस्काते भोले .. की प्रति व्यासपीठ पर आचार्य जी को दुपट्टा पहनाकर भेंट की।
अत्यंत लघु चर्चा में त्रिपाठी जी नें बताया कि उनकी ये 208 शिव केन्द्रित कविताएं देश भर के सभी हिन्दी भाषी राज्यों के पत्र-पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशित हुई हैं,और वर्तमान में नवीन रचना लिखने का सिलसिला अनवरत जारी है,जो 315 की संख्या पूर्ण कर गया है।
आज पांचवे सोपान दिवस पर आचार्य ने व्यास पीठ पर कहा.. इंसान आज हर इंसान में सिर्फ़ इंसान को देख रहा है ,जिस दिन वह इंसान में भगवान को देखने लगेगा,वह दिन रामराज्य की नींव रखने वाला साबित होगा।इसका सारा दारोमदार हमारी इस जीभ पर है,उसका व्यवहार ही पथ-प्रदर्शक होगा। इति शुभम्…।



