
आई हूँ मैया, बेड़ा पार करो,
मझधार में है नैया, बेड़ा पार करो।
अष्टभुजी मैया कूष्माण्डा का पूजन,
अजन्मा आद्याशक्ति रूप का वंदन,
निखर गया ब्रह्माण्ड, फैल गया प्रकाश।
आई हूँ मैया, बेड़ा पार करो,
मझधार में है नैया, बेड़ा पार करो माँ।
माँ की अष्ट भुजाओं में शोभित हैं—
कमंडल, धनुष, बाण, कमल पुष्प,
अमृत-पूर्ण कलश, चक्र और गदा है।
आई हूँ मैया, बेड़ा पार करो,
मझधार में है नैया, बेड़ा पार करो।
अष्टभुजा में जपमाला सिद्धि प्रदान करे,
सृजन हेतु शौर्य-साहस वरदान भरे,
माँ की आभा कांतिमय, तेज सूर्य सम है।
आई हूँ मैया, बेड़ा पार करो,
मझधार में है नैया, बेड़ा पार करो।
स्वरचित
डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार




