शब्दों के अनूठे व्यक्तित्व कार्यक्रम में डॉ. शिवेश्वर दत्त पांडेय का प्रेरक संवाद

ग्रेटर नोएडा। शब्द शब्द दर्पण साहित्यिक समूह द्वारा आयोजित साप्ताहिक लोकप्रिय कार्यक्रम “शब्दों के अनूठे व्यक्तित्व” का आयोजन 07 अप्रैल को गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, कवि एवं दि ग्राम टुडे समाचार समूह के समूह संपादक डॉ. शिवेश्वर दत्त पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन कुँ० प्रवल प्रताप सिंह राणा ‘प्रवल’ ने किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सूत्रधार द्वारा अतिथि का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। तत्पश्चात डॉ. पांडेय से माँ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया, जिसे उन्होंने फायकू विधा में अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिकता से ओतप्रोत कर दिया।
संवाद सत्र के दौरान अतिथि से उनके जीवन के विविध आयामों—जन्म, बाल्यकाल, शिक्षा, व्यावसायिक यात्रा, संघर्ष, उपलब्धियाँ एवं भविष्य की योजनाओं—पर अनौपचारिक प्रश्न पूछे गए। डॉ. पांडेय ने बताया कि वे मूलतः उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के निवासी हैं। उनके पिता श्री रमेश पांडेय भारतीय रेलवे में कार्यरत थे, जिसके कारण उनका जन्म 1967 में हरिद्वार (तत्कालीन उत्तर प्रदेश, वर्तमान उत्तराखंड) में हुआ तथा वहीं उनका लालन-पालन हुआ।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लक्सर से प्राप्त की तथा आगे की स्कूली शिक्षा पूर्ण कर उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज में प्रवेश लिया। लेखन में विशेष रुचि होने के कारण उन्होंने निबंध एवं आलेख लेखन से शुरुआत की। “संपादक के नाम पत्र” लिखते-लिखते उनकी लेखनी को पहचान मिली और इसी क्रम में उन्हें स्थानीय समाचार पत्र में पार्ट-टाइम कार्य का अवसर प्राप्त हुआ।
पत्रकारिता के प्रति समर्पण ने उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पत्रकारिता की विधिवत शिक्षा प्राप्त की और विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में उप-संपादक, सहायक संपादक एवं स्टेट हेड जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वर्ष 2005 में उन्होंने “दि ग्राम टुडे” साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन प्रारंभ किया, जो निरंतर प्रगति करता हुआ आज एक सशक्त मीडिया समूह के रूप में स्थापित है। वर्तमान में यह समूह दैनिक समाचार पत्र, पाक्षिक पत्रिका एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
व्यक्तिगत जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि उनका विवाह वर्ष 1987 में हुआ और उनकी पत्नी के सहयोग से उनका पारिवारिक जीवन सुदृढ़ बना। उनकी तीन संताने हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। साथ ही, वे दिव्य गंगा सेवा मिशन के माध्यम से वेद और विज्ञान के समन्वय पर आधारित गुरुकुल स्थापना जैसे पुनीत कार्य में संलग्न हैं।
कार्यक्रम के दौरान एंकर कुँ० प्रवल प्रताप सिंह राणा ‘प्रवल’ ने डॉ. पांडेय से अनुरोध किया कि गुरुकुल की प्रगति एवं उपलब्धियों पर भी वे भविष्य में एक विशेष संवाद हेतु पुनः मंच पर पधारें।
इस अवसर पर डॉ. पांडेय ने राष्ट्र, समाज, सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं उच्च जीवन मूल्यों पर आधारित अपनी अनेक रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया, जिसे उपस्थित साहित्यकारों ने करतल ध्वनि एवं सराहनीय टिप्पणियों के साथ सराहा।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े प्रबुद्ध साहित्यकार एवं मनीषी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे, जिनमें बृजनंदन मिश्रा (अलीगंज), सुनीता श्रीवास्तव (सुल्तानपुर), प्रभात रंजन (बेंगलुरु), बोधिसत्व कस्तूरिया (आगरा), सोहनलाल शर्मा ‘प्रेम’ (डीग, राजस्थान), महेश प्रकाश अस्थाना (लखनऊ), मनिंदर पाल कौर (कपूरथला, पंजाब), राजपाल गोस्वामी, पदम मुख पंडा, निरंजन कोकवन, वीरेंद्र सोनी (अमरपाटन), आचार्य विनीता लवानियाँ (बेंगलुरु), अरुणा राणा (बेंगलुरु) एवं छोटू सिंह प्रजापत (डीडवाना) प्रमुख रूप से शामिल रहे।
अंत में डॉ. शिवेश्वर दत्त पांडेय ने सभी उपस्थित साहित्यकारों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, एंकर कुँ० प्रवल प्रताप सिंह राणा ‘प्रवल’ ने भी सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम में निरंतर सहभागिता का आग्रह किया और मुख्य अतिथि को साधुवाद अर्पित किया।



