साहित्य

मत्तगयन्द सवैया

डाॅ सुमन मेहरोत्रा

घाट बनारस के अति पावन ,
है वट वृक्ष जटा सॅंग प्यारा।
शीतल छाॅंव भली लगती ,
हरती सब है वह दु:ख हमारा।
पावन गंग तरंग मनोहर,
शंकर जाप करे नित न्यारा।
शंभु कृपा करते रहना ,
हम जाप करें प्रभु नित्य तुम्हारा।

स्वरचित
डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर ,बिहार

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