पुष्कर में हुआ आजादी के अज्ञात नायकों का स्वतंत्र समर में योगदान पुस्तक का भव्य विमोचन
दि ग्रामटुडे/संवाददाता

पुष्कर (राजस्थान)। आप सभी प्रबुद्ध जनों की शुभेच्छा एवं आशीर्वाद से भारत के प्रख्यात रक्षा विशेषज्ञ डॉ. राम तिवारी (विभागाध्यक्ष, सैन्य अध्ययन विभाग, विक्रमजीत सिंह सनातन धर्म कॉलेज, कानपुर) की नवीन पुस्तक “आजादी के अज्ञात नायकों का स्वतंत्र समर में योगदान” का भव्य विमोचन राजस्थान की पावन भूमि पुष्कर में संपन्न हुआ।
इस गरिमामय अवसर पर राष्ट्रीय यज्ञ पुरुष स्वामी प्रखर जी महाराज, भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अश्वनी चौबे जी, उनकी धर्मपत्नी, सुप्रसिद्ध कथा वाचक श्री रमेश भाई ओझा, काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कमलाकांत त्रिपाठी, डॉ. राम प्रिय पांडेय, प्रोफेसर सप्तऋषि मिश्रा, दयानंद शास्त्री (संगरिया मंडी, राजस्थान), राजेंद्र शुक्ला (निदेशक, तिरंगा अगरबत्ती), नरेंद्र शर्मा, माता चिदानंदमयी, श्रीमती शांति देवी त्रिपाठी, डॉ. पवन कुमार तिवारी (शासकीय अधिवक्ता, भारत सरकार) एवं आचार्य योगेश जी महाराज, आचार्य गणेश जी महाराज सहित देशभर से पधारे अनेक धार्मिक एवं सामाजिक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री अभिषेक उपाध्याय द्वारा किया गया। यह पुस्तक भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150वें वर्ष एवं आजादी के अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर प्रकाशित की गई है।
पुस्तक में भारत के उन अज्ञात क्रांतिकारियों की वीर गाथाओं को समाहित किया गया है, जिनका स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान होने के बावजूद इतिहास में अपेक्षाकृत कम उल्लेख हुआ है। यह कृति राष्ट्रप्रेम और बलिदान की अमूल्य धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त प्रयास है।
डॉ. राम तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि यह पुस्तक देश के उन वीर सपूतों को समर्पित है, जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, किंतु इतिहास के पन्नों में उन्हें वह स्थान नहीं मिल पाया जिसके वे वास्तविक हकदार थे।




