मनन से मानस,,,, बोलती कलम मंच

“मनन से मानस “बोलती कलम मंच का एक ऐसा कार्यक्रम जहां श्रोताओं और दर्शकों को भारत के वंदनीय महाकवि श्री वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण और श्री तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सभी पात्र और रामायण में घटित एक-एक घटना को,एक-एक प्रसंग को जानने और समझने का पूरा मौका मिलेगा।
मनन से मानस से तात्पर्य,,,गहन चिंतन,मनन या हृदय की सुप्त (मानस)चेतना को उजागर और विकसित करना।
मनन से मानस कार्यक्रम में पौराणिक कथाओं और ग्रंथों में घटित घटनाओं को,रहस्यों को,ज्ञान को बार-बार सकारात्मक रूप में आधुनिक संदर्भों से जोड़कर सरल और सहज अंदाज़ में जन-जन तक पहुंचाना जिससे एक साधारण मानव का जीवन उन सभी बातों से संस्कारित हो और परिमार्जित भी हो।साधारण शब्दों में कहें तो श्रवण की गईं और पढ़ी हुई बातों पर गहराई से विचार, विश्लेषण कर मन और हृदय में आने वाले संशय और शंकाओं को दूर करना ।
“रामचरितमानस ” के संदर्भ में यह मन रुपी सरोवर है ।जब हम किसी आध्यात्मिक विचार पर (मनन)करते हैं तो वह मात्र एक जानकारी नहीं रहती अपितु हृदय को अंतरात्मा से जोड़कर मानस (मन) का एक हिस्सा बन जाती है
और इस कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी बोलती कलम मंच और उस मंच के संस्थापक आदरणीय श्री संजय राई सांई जी ने ली है । बोलती कलम मंच पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जो प्रत्येक शनिवार को शाम 7 बजे से 8 बजे तक फेसबुक पेज और यूट्यूब पर लाइव प्रसारित किया जाता है। यह एक ऐसा जीवंत कार्यक्रम है जो श्रोताओं और दर्शकों को और आने वाली पीढ़ियों को हमारे सनातन धर्म से खुद को रू-ब-रू कराने की आकांक्षा रखता है।इस कार्यक्रम ने आप सभी के मन के प्रश्नों और दुविधा को दूर करने का बीड़ा उठाया है।इस कार्यक्रम में मंच और साहित्य से जुड़े ज्ञानी , वरिष्ठ रचनाकार,लेखक ,साहित्यकार पूरे मनोयोग से अपना सहयोग देते हैं ।’मनन से मानस’ सनातन धर्म और संस्कृति से जोड़ती बोलती कलम मंच की एक अनोखी पहल जो मंच के संस्थापक आदरणीय श्री संजय राई सांई जी ने जयश्री राम उद्घोष के साथ प्रारम्भ की है ।
आइए हम और आप सभी मिलकर इस पावन उद्घोष को देश- दुनिया में प्रचारित एवं प्रसारित करने में अपना योगदान दें।
बोलती कलम परिवार




