
अद्भुत है जीवन की धारा। तन मानुष का पाया न्यारा।
धन्यवाद करते दातारी । सदा रहेंगे हम आभारी ।।
हरि की महिमा अपरंपारा। रखें नियंत्रण जग पर सारा।
कण-कण में प्रभु आप विराजें। भक्तों के अंतस में साजें।।
दीन-दुखी के तुम रखवाले। कष्ट सभी जीवन के टाले।
अति पावन है नाम तुम्हारा। देते हो प्रभु तुम्ही सहारा।।
पल-पल छलती सबको माया। नश्वर होती है ये काया।
खाली हाथ सभी हैं जाते। नित्य संत सबको समझाते।।
मीठी-मीठी वाणी बोलो। मधुर शहद उसमें तुम घोलो।
काम करो तुम नित हितकारी। उन्नति जीवन में हो भारी।।
हाथ मदद का सदा बढ़ाना। पशु- पक्षी को नहीं सताना॥
सबसे रखना भाईचारा। बहे प्रीत की प्रेमिल धारा॥
नेक-कार्य तुम मन में धारो। गलती पर तुम स्वयं विचारो।
पुण्यों की तुम भर लो झोली, प्रेम-रंग से खेलो होली॥
नाम ईश का जप लो भाई। होता है हरदम सुखदाई।
मोक्ष राह खुलती है जानो। सच्चाई अंतस में ठानो।।
हेमा जालान’कनक’ मुंगेर🙏🏼



