दो जून की रोटी,कमाना आज है मुश्किल,
लूटते जो हैं खुलकर अब,लगता उनमें ही स्किल,
जो जितना बड़ा डाकू,है उतना
बड़ा खिलाड़ी,
बने जिनकी ताकत से अमीर हम मरते हैं वही तिल।।
दो जून की रोटी,कमाना आज है मुश्किल,
लूटते जो हैं खुलकर अब,लगता उनमें ही स्किल,
जो जितना बड़ा डाकू,है उतना
बड़ा खिलाड़ी,
बने जिनकी ताकत से अमीर हम मरते हैं वही तिल।।