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बिहार के लाल प्रियांशु मिश्रा ने रचा इतिहास, 19 वर्ष की उम्र में बनाया इंजीनियरिंग छात्रों के लिए डिजिटल मंच “HelloEngineers”

मुजफ्फरपुर के युवा प्रतिभा ने तकनीकी नवाचार से बढ़ाया बिहार का गौरव

बिहार के लाल प्रियांशु मिश्रा ने रचा इतिहास, 19 वर्ष की उम्र में बनाया इंजीनियरिंग छात्रों के लिए डिजिटल मंच “HelloEngineers

मुजफ्फरपुर के युवा प्रतिभा ने तकनीकी नवाचार से बढ़ाया बिहार का गौरव

बिहार की धरती हमेशा से प्रतिभाओं की जननी रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मुजफ्फरपुर जिले के युवा प्रियांशु मिश्रा ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दूरदृष्टि से एक नई मिसाल कायम की है। महज 19 वर्ष की उम्र में जेएसएस कॉलेज, नोएडा के बी.टेक प्रथम वर्ष के छात्र प्रियांशु मिश्रा ने “HelloEngineers” नामक एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो देशभर के इंजीनियरिंग छात्रों, डेवलपर्स और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर जोड़ने का कार्य कर रहा है।

प्रियांशु मिश्रा, बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के निवासी और श्री विनय मिश्रा के पुत्र हैं। कम उम्र में ही उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में अपनी अद्भुत सोच और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। उनके पिता विनय मिश्रा ने कहा कि पुत्र की यह उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने बताया कि प्रियांशु की यह पहल न केवल परिवार बल्कि पूरे बिहार को गौरवान्वित करने वाली है।

इंजीनियरिंग छात्रों के लिए बना नया डिजिटल साथी

HelloEngineers का उद्देश्य इंजीनियरिंग छात्रों, डेवलपर्स, रिक्रूटर्स, तकनीकी विशेषज्ञों और नवाचारकर्ताओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे ज्ञान साझा कर सकें, नई चीजें सीख सकें और अपने करियर को नई दिशा दे सकें।

इस मंच के माध्यम से छात्र अपने प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित कर सकते हैं, हैकाथॉन के लिए टीम बना सकते हैं, इंटर्नशिप और नौकरी के अवसर तलाश सकते हैं तथा अनुभवी इंजीनियरों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही एआई आधारित करियर गाइडेंस, रिज्यूमे सुधार सुझाव, इंटरव्यू तैयारी और व्यक्तिगत लर्निंग रोडमैप जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

20 दिनों में मिली बड़ी सफलता

20 मई 2026 से 9 जून 2026 के बीच मात्र 20 दिनों में HelloEngineers ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इस डिजिटल समुदाय से अब तक 209 से अधिक इंजीनियर जुड़ चुके हैं, 7 से अधिक नौकरियों के अवसर साझा किए गए हैं, 4 से अधिक टीमें गठित हुई हैं, 27 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं और 8 इंजीनियरों को रोजगार के अवसर भी मिले हैं। लगातार बढ़ती सक्रियता इस मंच की लोकप्रियता को दर्शाती है।

युवा सोच, बड़ा सपना

प्रियांशु मिश्रा का मानना है कि इंजीनियरिंग शिक्षा केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। वास्तविक सफलता के लिए व्यावहारिक अनुभव, नेटवर्किंग और सामूहिक सीखने की भावना बेहद जरूरी है। इसी विचार को साकार करने के उद्देश्य से उन्होंने HelloEngineers की शुरुआत की।

तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस पहल को निरंतर सहयोग और समर्थन मिलता रहा तो HelloEngineers आने वाले समय में देश के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बन सकता है।

कम उम्र में तकनीकी नेतृत्व, नवाचार और समाज के लिए उपयोगी सोच का परिचय देते हुए प्रियांशु मिश्रा ने यह सिद्ध कर दिया है कि युवा शक्ति यदि संकल्प और मेहनत के साथ आगे बढ़े तो वह देश के भविष्य को नई दिशा दे सकती है।

मुजफ्फरपुर से निकली यह युवा प्रतिभा आज पूरे बिहार के लिए प्रेरणा बन चुकी है। प्रियांशु मिश्रा की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के युवाओं को सपने देखने और उन्हें साकार करने का संदेश देती है।

Kumar Sandeep

बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत सिमरा गांव का एक सामान्य परिवार में जन्मा एक युवा साहित्यकार, विद्यार्थियों का गुरू, व अपने अभिभावक का संस्कारी संतान।

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