
वसंत राशिनकर स्मृति अ. भा . सम्मान घोषित
इंदौर | आपले वाचनालय एवं श्री सर्वोत्तम द्वारा उत्कृष्ट मराठी काव्य कृतियों को दिए जाने वाले वसंत राशिनकर स्मृति अखिल भारतीय सम्मानों की घोषणा कर दी गई है।
संस्था सचिव संदीप राशिनकर ने बताया कि देशभर से आई काव्य संग्रहों की प्रविष्टियों में से निर्णायक मंडल ने पुणे के कवि राजन लाखे की कृति गझलायन का चयन कविवर्य वसंत राशिनकर स्मृति अ. भा. सम्मान ‘ 2025 के लिए किया है।ज्ञातव्य है कि इसके पूर्व सर्वश्री रविचन्द्र हडसनकर ,दासू वैद्य ,गीतेश गजानन शिंदे, संजय चौधरी , डॉ. विशाल इंगोले , राजू देसले , डॉ. बाला साहेब लबडे , प्रताप वाघमारे एवं अविनाश सांगोलेकर इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं।
उल्लेखनीय काव्य कृतियों को दिए जाने वाले वसंत राशिनकर काव्य साधना अ. भा. सम्मान ‘ 2025 के लिए बडोदे की अंजली आशुतोष मराठे की कृति सृजना , नवी मुंबई के मोहन काले की कृति अखेर मी माझीच समजूत घातली , ग्वाल्हेर के रामचंद्र किल्लेदार की कृति भाव मनातले कविता मनातल्या , बीड के बाळासाहेब नागरगोजे की कृति युद्ध पेटले आहे , नंदू मुलमुले, नांदेड की कृति अनंगवाणी , पालघर के स्वप्निल चाफेकर ‘ प्रीत ‘ की कृति लेखणीने मेघ होता और इंदौर की स्मिता सराफ की कृति सांजवात… माझ्या मनात का चयन किया गया है। आपले वाचनालय राजेंद्र नगर में निकट भविष्य में होने वाले गरिमामय समारोह में ये सम्मान प्रदान किए जायेंगे ।




